वाटर टैंक का निर्माण कर अपनाएं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, 85 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी

वाटर टैंक का निर्माण कर अपनाएं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, 85 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी

सिरसा, 01 मई।
जिला के किसानों के लिए ऑन-फार्म वाटर टैंक निर्माण वित्तीय सहायता योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत माइक्रो इरिगेशन सिस्टम को बढ़ावा देने और पानी के बेहतर उपयोग पर बल दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य खेती में पानी की बचत व सिंचाई क्षेत्र में विस्तार करते हुए किसानों की आय में वृद्धि करना है।

जहां कृषि क्षेत्र में पारंपरिक सिंचाई तरीकों से पानी की खपत अधिक होती है, वहीं वॉटर टैंक निर्माण के साथ माइक्रो इरिगेशन सिस्टम अपना कर पानी की कम खपत के साथ अधिक मुनाफा लिया जा सकता है।


योजना के तहत सामुदायिक और व्यक्तिगत दोनों प्रकार के वाटर टैंक बनाए जा सकेंगे। चार या अधिक किसानों द्वारा बनाए गए टैंक को सामुदायिक टैंक माना जाएगा, जिस पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, व्यक्तिगत किसान को टैंक निर्माण पर 70 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।


इस योजना में यह अनिवार्य किया गया है कि सामुदायिक टैंक से जुड़े कम से कम 75 प्रतिशत क्षेत्र तथा व्यक्तिगत टैंक के मामले में 50 प्रतिशत भूमि पर माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगाया जाए। योजना का लाभ केवल भूमि मालिक किसानों को ही मिलेगा।


सरकार ने 2 एकड़ से 50 एकड़ तक के क्षेत्र के लिए टैंक निर्माण पर सहायता निर्धारित की है, जिसमें न्यूनतम 1.05 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 8.40 लाख रुपये का व्यक्तिगत टैंक के लिए 70त्न व सामुदायिक टैंक के लिए 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी और प्राथमिकता उन किसानों को दी जाएगी जो अधिक क्षेत्र में माइक्रो इरिगेशन अपनाएंगे।


एमआई काडा के कार्यकारी अभियंता विजय पाल सिंह ने बताया कि योजना के तहत सहायता राशि तीन चरणों में जारी की जाएगी पहले चरण में खुदाई के बाद 20 प्रतिशत, दूसरे चरण में निर्माण पूरा होने पर 40 प्रतिशत और अंतिम 40 प्रतिशत राशि माइक्रो इरिगेशन सिस्टम लगाने के बाद दी जाएगी। इस योजना से पानी की बचत होगी, खेती में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

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